केंद्र सरकार ने कफ सिरप की बिक्री को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन करते हुए कफ सिरप और अन्य औषधीय सिरप की ओवर-द-काउंटर (OTC) बिक्री पर रोक लगा दी है। 9 जून 2026 को जारी अधिसूचना के तहत Drugs (Fifth Amendment) Rules, 2026 लागू कर दिए गए हैं। इसके बाद अब किसी भी व्यक्ति को कफ सिरप खरीदने के लिए डॉक्टर द्वारा जारी प्रिस्क्रिप्शन दिखाना अनिवार्य होगा। सरकार ने इस बदलाव का मसौदा 30 दिसंबर 2025 को जारी किया था और उस पर आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई थीं। प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम नियम लागू किए गए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव हर्ष मंगला के अनुसार, मध्य प्रदेश और राजस्थान में दूषित कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के मामलों के बाद यह फैसला लिया गया है। इन घटनाओं ने दवाओं की गुणवत्ता और उनकी निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इसके बाद सिरप के निर्माण और बिक्री पर सख्त नियंत्रण की मांग लगातार उठ रही थी। नए नियमों के तहत देशभर की फार्मेसियों को संशोधित प्रावधानों का पालन करना होगा। अब रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर द्वारा जारी पर्ची के बिना कफ सिरप या अन्य औषधीय सिरप बेचना संभव नहीं होगा। सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 की अनुसूची-के (Schedule K) से “सिरप” शब्द को हटा दिया है। इसके साथ ही सिरप अब ओटीसी दवाओं की श्रेणी से बाहर हो गए हैं और उनकी बिक्री पर सख्त नियामकीय नियंत्रण लागू हो गया है।