महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। खबरों के अनुसार, उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा झटका लग सकता है। पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसदों के बगावत करने की चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि ये सभी सांसद दिल्ली पहुंच चुके हैं और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अलग गुट के रूप में मान्यता की मांग कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस (19 जून) से पहले यह राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ सकता है। माना जा रहा है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एक बार फिर अपनी रणनीति के तहत उद्धव ठाकरे खेमे में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। चर्चा है कि बागी सांसद पहले लोकसभा में अलग समूह बनाने की प्रक्रिया पूरी करेंगे और बाद में शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। जिन सांसदों के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें ओमराजे निंबालकर, नागेश पाटील आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल और राजाभाऊ वाजे शामिल हैं। वहीं, पार्टी में टूट की अटकलों के बीच यूबीटी सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर किसी भी अलग गुट को मान्यता नहीं देने की मांग की है। इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि सांसदों को पार्टी बदलने के लिए 15-15 करोड़ रुपये तक का प्रस्ताव दिया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी सोशल मीडिया के जरिए निशाने पर लिया है। महाराष्ट्र की राजनीति में इस घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में शिवसेना (यूबीटी) के भीतर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।