लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को 19 जून को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है। यह मामला पार्टी में चल रही अंदरूनी कलह और कुछ सांसदों के अलग रुख अपनाने से जुड़ा हुआ है। स्पीकर का उद्देश्य इस पूरे विवाद को सुनकर निष्पक्ष निर्णय लेना है, खासकर सांसदों के कथित विलय और दलगत स्थिति से जुड़े मुद्दों पर।
सूत्रों के मुताबिक, यह कदम उस समय सामने आया है जब TMC के भीतर मतभेद लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी में असंतोष की स्थिति और गहरी हो गई है। बताया जा रहा है कि पार्टी के कुल 28 लोकसभा सांसदों में से करीब 20 सांसदों ने अलग रुख अपनाते हुए एक नए राजनीतिक समूह से जुड़ने की बात कही है। इन सांसदों ने 14 जून को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात भी की थी और अपने फैसले से संबंधित एक औपचारिक पत्र सौंपा था।
इस पूरे मामले में लोकसभा सचिवालय ने अब TMC के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है। स्पीकर ओम बिरला सभी संबंधित पक्षों की बात सुनकर यह तय करना चाहते हैं कि सांसदों का यह कदम दल-बदल कानून और संसदीय नियमों के तहत किस श्रेणी में आता है।
बताया गया है कि यह बुलावा एक औपचारिक पत्र के माध्यम से भेजा गया है, जो सांसद कीर्ति आजाद और सागरिका घोष के जरिए पहुंचाया गया।
TMC के भीतर यह घटनाक्रम राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे पार्टी की एकजुटता और संसद में उसकी ताकत पर सवाल उठ रहे हैं। कभी संसद में मजबूत विपक्ष के रूप में देखी जाने वाली टीएमसी अब अपने ही भीतर उभरे विवादों के कारण चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना कर रही है।
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TMC पर सियासी संकट गहराया, ममता बनर्जी को राहत जैसा मौका...
Source: Janmanch News