अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को खत्म करने के लिए हुए शांति समझौते के बाद पाकिस्तान ने खुद को इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा बताया है। 17 जून की रात पेरिस के वर्साय पैलेस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने समझौता ज्ञापन (MoU) पर डिजिटल हस्ताक्षर किए, जिसके साथ ही पिछले चार महीनों से चल रहा दोनों देशों के बीच का संघर्ष समाप्त हो गया। समझौते के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि इस ऐतिहासिक समझौते में पाकिस्तान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने इसे “इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन” बताते हुए कहा कि दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के साथ उन्होंने भी मध्यस्थ के रूप में अपनी मंजूरी दी है। शहबाज शरीफ के मुताबिक, यह समझौता इस बात का संकेत है कि दोनों देश बातचीत के जरिए विवादों का समाधान चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि समझौते के पहले चरण के तहत ईरान हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल देगा, जबकि अमेरिका अपनी समुद्री नाकेबंदी समाप्त करेगा। शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी नेतृत्व का शांति का रास्ता अपनाने के लिए धन्यवाद दिया। इसके अलावा, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की भी जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता स्थापित करने में आसिम मुनीर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। शहबाज शरीफ ने उम्मीद जताई कि यह समझौता पूरे क्षेत्र में आपसी विश्वास, समझ और समृद्धि की नई नींव रखेगा।