पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। टीएमसी नेताओं का आरोप है कि कोलकाता स्थित उनके आवास पर लंबे समय से तैनात निजी सुरक्षा अधिकारियों (पीएसओ) को अचानक बदल दिया गया, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है।
इस मुद्दे पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तीन बार मुख्यमंत्री और सात बार सांसद रह चुकी ममता बनर्जी के साथ प्रतिशोध की राजनीति की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव कर उनकी जान को खतरे में डाला जा रहा है। महुआ मोइत्रा ने यह भी कहा कि दूसरी ओर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भारी सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है।
राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने भी इस मामले पर चिंता जताते हुए सवाल उठाया कि ममता बनर्जी के पुराने सुरक्षा कर्मियों को अचानक क्यों हटाया गया और देर रात उन्हें बिना पर्याप्त सुरक्षा के क्यों छोड़ दिया गया। वहीं डेरेक ओ’ब्रायन ने दावा किया कि रात करीब 9:30 बजे तीन पीएसओ को बदल दिया गया था और कुछ समय के लिए आवास के प्रवेश द्वार पर कोई सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं था।
सूत्रों के मुताबिक, इस घटनाक्रम से नाराज ममता बनर्जी ने नए नियुक्त पुलिसकर्मियों को अपने आवास से वापस जाने के लिए कहा। हालांकि, पुलिस सूत्रों ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि सुरक्षा में तैनात किसी भी कर्मी को विभाग की ओर से नहीं हटाया गया है।
इस पूरे मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है और टीएमसी नेताओं ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है।
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दीदी की सुरक्षा में बदलाव से मचा सियासी तूफान, महुआ मोइत्रा ने जताई चिंता...
Source: Janmanch News