18 जून को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 50 अंकों की गिरावट के साथ 77,100 के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी लगभग 20 अंक फिसलकर 24,050 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव IT और मीडिया सेक्टर के शेयरों में देखने को मिला। एशियाई बाजारों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुआ और इसमें करीब 1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। जापान का निक्केई इंडेक्स भी अच्छी तेजी के साथ बंद हुआ। वहीं, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स करीब 1.88 प्रतिशत गिरावट के साथ कमजोर रहा, जिससे एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला। अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान कमजोरी देखने को मिली थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए, जिसका असर भारतीय बाजार की शुरुआत पर भी देखने को मिला। विदेशी संस्थागत निवेशक (FII/FPI) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। पिछले सात कारोबारी दिनों में उन्होंने करीब 1,530 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने मजबूत खरीदारी जारी रखी है और इसी अवधि में 10,092 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी की है। पिछले 30 दिनों के आंकड़े भी यही संकेत देते हैं कि घरेलू निवेशक बाजार को सहारा दे रहे हैं, जबकि विदेशी निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं। गौरतलब है कि 17 जून को बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ था, जहां सेंसेक्स 347 अंक और निफ्टी 97 अंक की तेजी के साथ बंद हुए थे।