बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हजारों की संख्या में हिंदू समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन भगवान राम की 81 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण कार्य को रोके जाने और उनकी तस्वीर के कथित अपमान के खिलाफ किया गया। बताया जा रहा है कि उत्तरी गाइबांधा जिले के पलाशबाड़ी क्षेत्र में बनने वाली इस प्रतिमा का कुछ कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों द्वारा विरोध किया जा रहा था।
हिंदू संगठनों का आरोप है कि हाल ही में हुए एक प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने भगवान राम की तस्वीर का अपमान किया था, जिससे समुदाय में नाराजगी फैल गई। इसी के विरोध में शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग ढाका के शाहबाग इलाके में एकत्र हुए और नेशनल प्रेस क्लब तक मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “जय श्री राम” के नारे लगाए और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई नहीं की गई और राम प्रतिमा के निर्माण कार्य को दोबारा शुरू करने की अनुमति नहीं मिली, तो वे देश के सभी 64 जिलों में चरणबद्ध तरीके से राम मंदिरों का निर्माण करेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी घोषणा की है कि शनिवार को धार्मिक मामलों के मंत्रालय को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम ने मुस्लिम-बहुल बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस को तेज कर दिया है।
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भगवान राम की तस्वीर के कथित अपमान पर फूटा गुस्सा, ढाका में प्रदर्शन...
Source: Janmanch News