मिडिल ईस्ट में जारी तनाव कम होने के बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है। शांति वार्ता और युद्धविराम की चर्चाओं के बीच ईरान ने इजरायल पर बड़ा मिसाइल हमला किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने अपनी लंबी दूरी की खोर्रमशहर बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करते हुए तेल अवीव, हाइफा, बेन गुरियन एयरपोर्ट और दिमोना परमाणु केंद्र जैसे अहम ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, इन हमलों से हुए नुकसान और तबाही के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। ईरानी सैन्य अधिकारियों से जुड़े कुछ बयानों और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सेना ने नागरिकों से देश के लिए प्रार्थना करने की अपील की है। वहीं, इजरायली प्रशासन की ओर से अब तक हमलों के प्रभाव और नुकसान को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। खोर्रमशहर मिसाइल को ईरान की सबसे घातक बैलिस्टिक मिसाइलों में गिना जाता है। यह अत्यधिक गति से उड़ान भरने के साथ-साथ एक टन से अधिक वजन वाले कई वॉरहेड ले जाने में सक्षम मानी जाती है। ऐसे में इस हमले को ईरान के आक्रामक रुख का संकेत माना जा रहा है। इस बीच, तेहरान ने अमेरिका को भी चेतावनी भरा संदेश देते हुए कहा कि वह ईरान और इजरायल के संघर्ष में हस्तक्षेप न करे। ईरान का दावा है कि वह इजरायल को एक दिन में घुटने टेकने पर मजबूर कर सकता है। वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने नागरिकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा और उनकी सरकार इस लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध है।