पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी नेताओं और पार्षदों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाने का दावा किया। कोलकाता में आयोजित एक विशेष बैठक के बाद इस गुट ने नई राष्ट्रीय कार्यकारी समिति के गठन की घोषणा भी की। सूत्रों के मुताबिक, शाम करीब चार बजे शहर के एक होटल में हुई इस बैठक में कोलकाता नगर निगम के अलावा बहरामपुर, उत्तरपारा, श्रीरामपुर और दमदम क्षेत्र से जुड़े कई नेता और लगभग 40 पार्षद शामिल हुए। पूर्व टीएमसी विधायक देबासिस कुमार ने इसे अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस का विशेष सत्र बताते हुए कहा कि इसमें संगठन को नई दिशा देने के उद्देश्य से अहम फैसले लिए गए। बैठक में वरिष्ठ नेता अरूप रॉय को सर्वसम्मति से पार्टी का नया अध्यक्ष चुने जाने का दावा किया गया। साथ ही दस सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारी समिति का गठन किया गया, जिसमें कई नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने बताया कि पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास, विधायक फिरहाद हकीम, रथिन घोष और सबीना यास्मीन को उपाध्यक्ष बनाया गया है। बागी नेताओं का कहना है कि बैठक में लिए गए सभी फैसलों और नई समिति की जानकारी निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी। उनका दावा है कि यह विवाद असली या नकली संगठन का नहीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस के भविष्य और नेतृत्व से जुड़ा है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर ममता बनर्जी या पार्टी के आधिकारिक नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।