देश में नक्सलवाद पर लगभग काबू पाने के बाद अब केंद्र सरकार ने अवैध घुसपैठ के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे को लेकर नई रणनीति तैयार कर रहे हैं और जल्द ही इसके लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की जा सकती है। माना जा रहा है कि नक्सलवाद के खिलाफ अपनाए गए मॉडल की तरह ही अवैध घुसपैठ को खत्म करने के लिए भी मिशन मोड में काम किया जाएगा।
गौरतलब है कि अमित शाह ने नक्सलवाद के खात्मे के लिए 31 मार्च 2026 की डेडलाइन तय की थी। इसके बाद सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया था कि देश में नक्सल गतिविधियां लगभग समाप्त हो चुकी हैं। अब सरकार की प्राथमिकता अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजना है।
इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। सीमा क्षेत्रों में हो रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमणों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में अवैध निर्माणों की पहचान कर उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जनसांख्यिकीय बदलावों की निगरानी के लिए उच्च स्तरीय डेमोग्राफी मिशन ने काम शुरू कर दिया है।
पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए थर्मल कैमरे, सेंसर, रडार और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग का काम भी तेजी से चल रहा है।
हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात, राजस्थान और त्रिपुरा का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की थी। जल्द ही वह पश्चिम बंगाल का भी दौरा करेंगे। सरकार फिलहाल ‘डिटेक्ट, डिटेन और डिपोर्ट’ की तीन-स्तरीय रणनीति के तहत लगातार जमीनी स्तर पर निगरानी कर रही है।
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नक्सलवाद के बाद अगला लक्ष्य घुसपैठ, अमित शाह जल्द लेंगे बड़ा फैसला...
Source: Janmanch News