पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवाद गहरा गया है। नाओदा और रेजीनगर से विधायक तथा जनता उन्नयन पार्टी (JUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर के खिलाफ विवादित भाषण देने और बीजेपी नेताओं को कथित तौर पर धमकी देने के आरोप में पुलिस ने FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई बीजेपी युवा ब्रिगेड की शिकायत के बाद की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि कबीर ने सार्वजनिक मंच से पार्टी नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक और उकसाऊ बयान दिए। पूरा विवाद रेजीनगर में आयोजित एक जनसभा के दौरान दिए गए भाषण से शुरू हुआ। कार्यक्रम में हुमायूं कबीर ने बीजेपी नेताओं, खासकर अपनी पूर्व चुनावी प्रतिद्वंद्वी अनामिका घोष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बावजूद कुछ नेता खुद को विधायक की तरह पेश कर रहे हैं और बीजेपी कार्यकर्ताओं का रवैया लगातार आक्रामक बना हुआ है। अपने संबोधन के दौरान कबीर ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी का भी नाम लिया। उन्होंने दावा किया कि पहले भी उन्होंने शुभेंदु अधिकारी से मुर्शिदाबाद में पार्टी नेताओं की बयानबाजी पर नियंत्रण रखने को कहा था। साथ ही उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि मुसलमानों को संगठित किया गया, तो बीजेपी को गंभीर राजनीतिक जवाब मिलेगा। इसी बयान को बीजेपी ने धमकी करार देते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। FIR दर्ज होने के बाद हुमायूं कबीर ने अपने बयान का बचाव किया। उनका कहना है कि यदि बीजेपी लगातार उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करती है, तो उनसे चुप रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने अपने बयान को राजनीतिक हमलों की प्रतिक्रिया बताया। गौरतलब है कि हुमायूं कबीर पहले भी अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। पिछले वर्ष 6 दिसंबर को उन्होंने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण के समर्थन में प्रतीकात्मक रूप से नींव रखी थी। विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व और बाबरी मस्जिद जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। इस पूरे मामले के बाद राज्य की सियासत एक बार फिर गरमा गई है।