दिल्ली सरकार की ई-ऑफिस व्यवस्था 1 जुलाई 2026 को अपना पहला वर्ष पूरा करने जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछले एक साल में सरकारी कामकाज के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब अधिकांश विभागों में कागजी फाइलों की जगह डिजिटल माध्यम से काम हो रहा है, जिससे फाइलों के निस्तारण में तेजी आई है और प्रशासन अधिक पारदर्शी व जवाबदेह बना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली के जरिए किसी भी फाइल की स्थिति आसानी से ट्रैक की जा सकती है। इससे यह पता चलता है कि फाइल किस अधिकारी के पास लंबित है और उस पर क्या कार्रवाई हुई है। डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहने के साथ-साथ विभागों के बीच समन्वय भी बेहतर हुआ है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया पहले से अधिक प्रभावी बनी है।
सरकार के अनुसार, मार्च 2025 तक 198 विभागों और कार्यालयों के 5,005 अधिकारी-कर्मचारी इस प्रणाली से जुड़े थे, जबकि 27 जून 2026 तक यह संख्या बढ़कर 235 विभागों एवं कार्यालयों के 15,748 उपयोगकर्ताओं तक पहुंच गई। अलग-अलग संस्थानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ई-ऑफिस को सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए तीन श्रेणियों में विकसित किया गया है।
1 जुलाई 2025 से सभी सरकारी विभागों में ई-ऑफिस का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया था। अब तक लाखों ई-फाइलों और ई-रसीदों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। सार्वजनिक उपक्रमों, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों में भी इस व्यवस्था का तेजी से विस्तार किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य तकनीक के माध्यम से ऐसा प्रशासन विकसित करना है, जहां नागरिकों को सेवाएं तेजी से मिलें और सुशासन को और अधिक मजबूती मिले।
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अब ऑनलाइन हो रहा सरकारी काम, ई-ऑफिस से फाइलों का निस्तारण हुआ तेज: रेखा गुप्ता
Source: Janmanch News