पाकिस्तान ने कराची में हाल ही में हुए आतंकी हमले के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की है। पाकिस्तान के गृह मंत्री और सेना की ओर से दावा किया गया कि हमले में एक ‘भारतीय एजेंट’ शामिल था और इसके पीछे भारत का हाथ है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में पाकिस्तान की ओर से कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया। भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार बताते हुए सख्त प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को बिना आधार वाले आरोप लगाने के बजाय अपने देश में सक्रिय आतंकी नेटवर्क और ढांचे के खिलाफ गंभीर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करता है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भी पाकिस्तान की आलोचना की। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि पाकिस्तान को पहले अपने भीतर झांकने की जरूरत है। उन्होंने पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के 2011 के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि “अपने आंगन में सांप पालकर यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वे सिर्फ पड़ोसियों को ही डसेंगे।” दरअसल, 27 जून की रात कराची स्थित पाकिस्तान रेंजर्स (सिंध) के गुलिस्तान-ए-जौहर कैंप पर आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले में तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई, जबकि जवाबी कार्रवाई में तीन हमलावर भी मारे गए और एक घायल आतंकी को गिरफ्तार किया गया। घटना के बाद पाकिस्तान ने बिना किसी ठोस साक्ष्य के भारत पर आरोप लगाए, जिन्हें भारत ने सिरे से खारिज करते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ अपने घर में कार्रवाई करने की सलाह दी।