महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले की जांच में बिहार के समस्तीपुर निवासी कथित परीक्षा माफिया बिजेंद्र गुप्ता का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है। मुंबई पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी उसी के इशारे पर काम कर रहे थे। मामले में अब तक राजीव शाह, आकाश कुमार और धीरज कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बिजेंद्र गुप्ता और कपिल दहिया अभी फरार हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए महाराष्ट्र पुलिस ने कई राज्यों में छापेमारी तेज कर दी है और दस विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, बिजेंद्र गुप्ता का संबंध देशभर में सक्रिय कथित पेपर लीक नेटवर्क से हो सकता है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि प्रश्नपत्र के सेट उन्हें बिजेंद्र गुप्ता के माध्यम से उपलब्ध कराए गए थे। जांच में करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन और संगठित नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस का दावा है कि बिजेंद्र गुप्ता पिछले करीब 25 वर्षों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों में सक्रिय रहा है और लंबे समय तक अंडरग्राउंड भी रहा। महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में उसका नाम एक बार फिर कथित मास्टरमाइंड के रूप में सामने आया है।
वहीं, समस्तीपुर में उसके परिवार ने बताया कि पिछले चार वर्षों से उनका बिजेंद्र गुप्ता से कोई संपर्क नहीं है। उसके पिता बालेश्वर साह के मुताबिक, वह आखिरी बार अपनी मां के अंतिम संस्कार में कुछ मिनटों के लिए घर आया था और उसके बाद से वापस नहीं लौटा। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार कार्रवाई कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
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महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में बिजेंद्र गुप्ता बना जांच का अहम चेहरा
Source: Janmanch News