अहमदाबाद से मुंबई जा रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट (6E-7018) में सोमवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब यात्रा के दौरान एक तीन साल का बच्चा अचानक बेहोश हो गया। बच्चे की हालत तेजी से बिगड़ती देख फ्लाइट में मौजूद लोगों के साथ-साथ क्रू मेंबर्स भी तुरंत सक्रिय हो गए। विमान में मौजूद डॉक्टरों ने बच्चे को प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की, लेकिन उसकी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए पायलट ने बिना देर किए मेडिकल इमरजेंसी घोषित की और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क कर सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी। अनुमति मिलते ही विमान को सुरक्षित रूप से सूरत एयरपोर्ट पर उतारा गया। इस बीच मेडिकल इमरजेंसी की सूचना मिलते ही सूरत एयरपोर्ट पर पहले से ही पूरी तैयारी कर ली गई थी। CISF, एयरपोर्ट की मेडिकल टीम और इंडिगो की ग्राउंड स्टाफ ने संयुक्त रूप से आवश्यक व्यवस्थाएं संभालीं। विमान के उतरते ही बच्चे को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर एम्बुलेंस के जरिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि आपातकालीन परिस्थितियों में सही समय पर लिया गया फैसला कितना महत्वपूर्ण होता है। पायलट की सूझबूझ, एयर ट्रैफिक कंट्रोल की त्वरित कार्रवाई और एयरपोर्ट पर मौजूद विभिन्न एजेंसियों के बेहतरीन समन्वय के कारण बच्चे को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकी। इस पूरी कार्रवाई की सराहना की जा रही है, क्योंकि सभी की तत्परता ने एक मासूम की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।