केंद्रीय कैबिनेट में संभावित फेरबदल की चर्चाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ करीब चार घंटे तक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा, शक्तिकांत दास और विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य प्रशासनिक सुधारों को गति देना, मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और सरकार की प्रमुख योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने की रणनीति तय करना था।
बैठक में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’, डिजिटल गवर्नेंस, नियमों के सरलीकरण और सरकारी सेवाओं की अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंच सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों ने अपने विभागों में चल रहे सुधार कार्यों, चुनौतियों और आगामी योजनाओं की जानकारी प्रधानमंत्री के सामने रखी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सभी मंत्रालयों को विभागीय सीमाओं से आगे बढ़कर ‘होल-ऑफ-गवर्नमेंट’ दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल से योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक तेज और प्रभावी होगा। इसके लिए पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग पर भी जोर दिया गया, ताकि परियोजनाओं की निगरानी और निर्णय प्रक्रिया को मजबूत बनाया जा सके।
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से परिणाम-आधारित कार्यशैली अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि किसी भी सरकारी योजना की वास्तविक सफलता का आकलन आम लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव से होना चाहिए। उन्होंने तय समय-सीमा के भीतर लक्ष्यों को पूरा करने और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
वित्त वर्ष 2026 में सचिव स्तर की यह पहली बड़ी समीक्षा बैठक मानी जा रही है। इसे वर्ष की दूसरी छमाही के लिए सरकार की नीतिगत दिशा तय करने वाला अहम कदम माना जा रहा है। हाल ही में रेलवे सहित कई मंत्रालयों में शुरू की गई ‘52 सप्ताह में 52 सुधार’ पहल भी इसी व्यापक प्रशासनिक सुधार अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
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पीएम मोदी ने सचिवों को दिया मंत्र, बेहतर समन्वय से तेज होंगे सरकारी काम
Source: Janmanch News