**Afghanistan Drone Attack:** पाकिस्तान की हालिया एयरस्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के भीतर ड्रोन हमले किए हैं। तालिबान का दावा है कि इन हमलों में खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में मौजूद ISIS-खोरासान (ISIS-K) के ठिकानों को निशाना बनाया गया। तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा कि कार्रवाई आतंकियों के खिलाफ की गई। दरअसल, 29 जून की रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के तीन प्रांतों में एयरस्ट्राइक की थी। तालिबान के अनुसार, इन हमलों में 36 आम नागरिकों की मौत हुई थी। इसके बाद तालिबान सरकार ने जवाब देने की चेतावनी दी थी। इसी क्रम में 30 जून की देर रात पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन हमले किए गए। अफगान मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ड्रोन हमलों का मुख्य निशाना ISIS-K के ठिकाने थे। खैबर पख्तूनख्वा के सरान क्षेत्र में स्थित एक इमारत भी हमले की चपेट में आई, जिसे तालिबान ने आतंकियों का अड्डा बताया। तालिबान का कहना है कि इस कार्रवाई में कई आतंकवादी मारे गए। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से अलग दावा किया गया है। पाकिस्तानी रिपोर्टों के अनुसार, जिस इमारत पर हमला हुआ वह एक स्कूल था, जहां अफगान सेना के पूर्व सैनिक रह रहे थे। बताया गया कि इस हमले में तीन पूर्व सैनिक घायल हुए हैं। ये पूर्व सैनिक तालिबान के सत्ता में आने के बाद अहमद मसूद जूनियर के नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट (NRF) से जुड़ गए थे और पाकिस्तान ने उन्हें 2023 में शरण व कैंप उपलब्ध कराए थे। दोनों देशों के दावों में बड़ा अंतर है। फिलहाल स्वतंत्र रूप से इन हमलों और उनमें हुए नुकसान की पुष्टि नहीं हो सकी है। सीमा पर बढ़ता तनाव क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती बनता दिखाई दे रहा है।